आपातकाल की सीख !

पच्चीस जून १९७५ की उमस भरी रात, देश का राजनीतिक तापमान शिखर पर था और बुनियादी सवालों पर देश ने निर्णायक ल़डाई का मन बना लिया था। युवाओं और छात्रों का स्वत:स्फफूर्त आंदोलन सत्तापरिवर्तन के आह्वान तक पहुंच गया था। एक जागे हुए देश को...