विस, विप में ‘आदर्श’ हंगामा

नागपुर, ७ दिसंबर। ‘आदर्श’ घोटाला मामले में मंगलार को विधानसभा तथा विधान परिषद में विपक्षी सदस्यों ने स्थगन प्रस्ताव देकर इस पर चर्चा की मांग की। विपक्षी सदस्यों की मांग ठुकारने पर विपक्षी सदस्यों ने दोनों सदनों में हंगामा करना शुरू किया। जिससे विधानसभा का काम दो बार तो विधान परिषद का कामकाज ४ बार स्थगित करना पडा। उसके बाद विप को पूरे दिन भर के लिए स्थगित कर दिया गया तथा विस में हंगामे के बीच मुख्यमंत्री ने आदर्श मामले पर कल यानि बुधवार को चर्चा लेने के लिए सहमति दिखाते हुए आज विदर्भ के बैकलॉग पर चर्चा को अनुति दी। उसके बाद विपक्षी शांत हुए। विरोधी पक्ष नेता एकनाथ खडसे ने नियम ५७ के तहत प्रश्नोत्तर का घंटा रोककर चर्चा की मांग की। खडसे ने कहा कि राजनीति इतने निचले स्तर पर आ गयी है कि सुपारी देकर ‘आदर्शङ्ख मामला उजागर करने का आरोप पूर्व मुख्यमंत्री अशोक चौहान कर रहे है। इस मामले प्रशासकीय अधिकारियों का Šया? अकेले अशोक चौहान पर कार्रवाई की गई बाकियों का Šया? ऐसे सवाल करते हुए ख‹डसे ने यह मामले की गंभीरता बताते हुए तुरंत चर्चा की मांग की। इस मामले में केंद्र सरकार ने सीबीआई जांच शुरू की है। लेकिन राज्य सरकार ने इस पर कोई जांच नहीं की। ऐसा कहते हुए खडसे ने विधानमंडल के दोनों सदनों के सदस्यों की जांच समिति स्थापन कर जांच करने की मांग की। इस समय विरोधी सदस्य नारेबाजी करते हुए सदन में बैनर लहरा रहे थे। खडसे की मांग को सही बताते हुए शिवसेना के सुभाष देसाई ने समर्थन दिया। इस बीच अध्यक्ष ने सभा की कार्रवाई एक घंटे के लिए स्थगित कर दी। दोबारा सदन की कार्रवाई शुरू तो विपक्ष का हंगामा शुरू ही था। सदन में बहुत कामकाज होने की बात कहते हुए विधान कार्यंत्री हर्षवर्धन पाटिल ने कामकाज करने का आहवान किया। विरोधी इस दौरान कुछ भी सुनने के स्थिति में नहीं थे। हंगामें के बीच ही उपाध्यक्ष प्रा वसंत पुरके ने पुरवणी मांगों का कामकाज पुकारा। इसी दौरान सदन में महत्वपूर्ण कामकाज विषय पत्रिका में है ऐसे में आदर्श मामले में चर्चा हेतु सरकार तैयार है।

One Comment to “विस, विप में ‘आदर्श’ हंगामा”

  1. ProwPeema says:

    हाँ, वास्तव में .

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