ब्लैकमेल करने वाले अखबारों के मामले में नोटिस

नागपुर, २६ जून। खबर छापने के नाम पर ब्लैकमेल करने वाले अखबारों के मामले में गुरुवार को सूचना व जनसंपर्क विभाग के संचालक एवं अखबार के रजिस्ट्रार (नई दिल्ली) को नोटिस जारी किया है। न्यायाधीश दिलीप सिन्हा व सीएल पंगारकर की संयुक्तपीठ ने उपरोक्त प्रतिवादियों से याचिका के संबंध में दो सप्ताह में शपथपत्र पर जवाबतलब किया है।ज्ञात हो कि शहर निवासी युवा जितेन्द्र गोसेकर ने मुंबई उच्च न्यायालय की नागपुर खंडपीठ के समक्ष अखबारों के संबंध में एक याचिका दायर की है। इस याचिका में याचिकाकर्ता ने बताया है कि शहर में अनेक अखबार सक्रिय है जो लोगों को झूठी खबर छापकर बदनाम करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करते है और उनसे खबर नहीं छापने के नाम पर धन एेंठते है। याचिकाकर्ता जितेन्द्र गोसेकर ने इस संबंध में हाईकोर्ट को एक पत्र लिखा था, जिसका संज्ञान लेकर हाईकोर्ट ने स्वस्फफूर्त यह याचिका चलाई है। याचिका की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट के समक्ष यह बात उजागर हुई कि सरकारी दस्तावेजों के अनुसार शहर से प्रतिदिन लगभग एक हजार अखबार छपते हैं परंतु वास्तविकता में अधिकतम अखबार छपते ही नहीं है। यह अखबार मात्र सरकारी विज्ञापन पाने के लिए सरकारी दस्तावेजों में जिंदा है। अदालत ने इस मामले में पहले ही राज्य सरकार व अन्य को नोटिस जारी किया था। अदालत ने गत सुनवाई को पूछा था अखबार को अनुमति देने की प्रक्रिया व मापदंड क्या है? अखबारों के ऊपर नियंत्रण रखने के लिए जवाबदेय कौन है? अदालत के इस प्रश्न के उत्तर में न्यायालयीन मित्र के रूप में पैरवी कर रहे अधिवक्ता आनंद परचुरे ने उपरोक्त दो विभागों के नाम बताएं, जिन्हें गुरुवार को अदालत ने नोटिस जारी किया है।

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