विश्वासमत पर होगी कांटे की टक्कर

विशेष प्रतिनिधि नई दिल्ली, २० जुलाई। लोकसभा में आज से शुरू होने वाले संसद के विशेष सत्र में विश्वासमत प्रस्ताव को लेकर सत्ता पक्ष व विपक्ष में कांटे की टक्कर होने वाली है। संसद के बाहर जारी विरोध और समर्थन की मिलीजुली लहरों पर सवार संप्रग सरकार को रविवार को उस समय एक ब़डी राहत मिली, जब ५ सदस्यीय झारखंड मुक्ति मोर्चा ने उसे अपना समर्थन देने का ऐलान किया, जबकि ३ सदस्यीय राष्ट्रीय लोकदल के विपक्षी खेमे में चले जाने से २७१ के जादुई अंक तक पहुंचने की उम्मीद फिफर धुंधली हो गई। जरूरी सांसदों का समर्थन जुटाने के लिए चिंतित सरकार को द्रमुक सदस्य दयानिधि मारन ने भी कुछ ढांढस बंधाया, जब उन्होंने पार्टी के निर्णय का पालन करते हुए सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया। इसी तरह हैदराबाद स्थित मुस्लिम मजलिस ने भी ऐलान किया कि पार्टी का एकमात्र सांसद सरकार का समर्थन करेगा। हालांकि इस बीच जद एस से कुछ बुरी खबर आ सकती है क्योंकि पार्टी के तेवर सरकार के पक्ष में नजर नहीं आते। ५ सांसदों वाला संप्रग का घटक दल जेएमएम शुरुआत से ही चुप्पी साधे हुए था। रविवार को पार्टी के नेता शिबु सोरेन ने अपने पत्ते खोले और अपनी पार्टी के ४ सांसदों के साथ सोनिया गांधी के आवास पर जाकर सरकार के हक में वोट देने का आश्वासन दिया। उनका दावा है कि इसके बदले में उन्हें कोयला मंत्रालय देकर मंत्रिमंडल में दोबारा शामिल किया जाएगा और उनकी पार्टी के एक सांसद को राज्य मंत्री बनाया जाएगा। वैसे सोरेन ने कल ही सरकार के प्रति अपने समर्थन का संकेत प शेष पृष्ठ ३ पर

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